पश्चिम बंगाल का सिलिकॉन वैली प्रोजेक्ट: ₹30,000 करोड़ निवेश की उम्मीद, 7,500 नौकरियां होंगी सृजित
पश्चिम बंगाल के सिलिकॉन वैली प्रोजेक्ट में ₹30,000 करोड़ निवेश की उम्मीद, 7,500 नौकरियां और एआई व डेटा सेंटर सेक्टर को बढ़ावा।
पश्चिम बंगाल का आईटी सेक्टर बड़े विस्तार की ओर बढ़ रहा है। राज्य के प्रमुख सिलिकॉन वैली प्रोजेक्ट में करीब ₹30,000 करोड़ के निवेश की उम्मीद है। यह जानकारी आईटी सचिव शुभांजन दास ने दी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी।
ASSOCHAM–STPI कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दास ने कहा कि 250 एकड़ में फैला सिलिकॉन वैली प्रोजेक्ट तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और इससे कम से कम 7,500 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। अब तक 41 कंपनियों को जमीन आवंटित की जा चुकी है, और निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य की दीर्घकालिक डिजिटल रणनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
आईटी सचिव ने बताया कि राज्य का तकनीकी विस्तार अब केवल कोलकाता तक सीमित नहीं है, बल्कि सिलीगुड़ी और दुर्गापुर जैसे शहर भी उभरते आईटी केंद्र बन रहे हैं। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में 32 सरकारी आईटी पार्क और 60 से अधिक निजी आईटी पार्क हैं, जिनमें 2,800 से ज्यादा आईटी और आईटीईएस कंपनियां कार्यरत हैं और दो लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
उन्नत डिजिटल ढांचे पर बात करते हुए दास ने कहा कि पश्चिम बंगाल अब डेटा सेंटर क्षमता के मामले में देश में छठे स्थान पर है। राज्य में 11 निजी डेटा सेंटर पहले से चालू हैं। इसके अलावा, सिलीगुड़ी स्थित राज्य-संचालित डेटा सेंटर में एनविडिया H100 और L100 GPU चिप्स जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार एक प्रस्ताव पर काम कर रही है, जिसके तहत निजी कंपनियों को एआई प्रशिक्षण और मॉडल डेवलपमेंट के लिए इस इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच दी जाएगी। दास ने उद्योग जगत को सहयोग के लिए आमंत्रित किया।
निर्यात के मोर्चे पर उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के सॉफ्टवेयर निर्यात में जबर्दस्त वृद्धि हुई है, जो करीब 15 साल पहले ₹8,000 करोड़ से बढ़कर अब ₹40,000 करोड़ से अधिक हो गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आईटी विभाग सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
दास ने आईटी उद्योग में समावेशन और विविधता के महत्व पर भी जोर दिया और महिलाओं तथा दिव्यांगों को रोजगार देने वाली कंपनियों की सराहना की।
कार्यक्रम में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC), सॉल्ट लेक के चेयरमैन सुशील मोहत ने कहा कि पश्चिम बंगाल मजबूत शैक्षणिक संस्थानों, कुशल मानव संसाधन और बेहतर बुनियादी ढांचे के कारण GCC के लिए एक उभरता हुआ गंतव्य बन रहा है। उन्होंने विशेष रूप से यूरोप में बेहतर मार्केटिंग की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर STPI कोलकाता ने राज्य की प्रमुख सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनियों को सम्मानित किया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को पश्चिम बंगाल से सबसे अधिक सॉफ्टवेयर निर्यात के लिए आईटी रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया। TCS राज्य में 54,000–55,000 कर्मचारियों को रोजगार देता है।
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