यमुना सफाई अभियान: सबसे बड़े प्रदूषण स्रोत नजफगढ़ नाले पर फोकस, फिनलैंड की हाई-टेक मशीन तैनात
दिल्ली में यमुना सफाई अभियान तेज, सबसे बड़े प्रदूषण स्रोत नजफगढ़ नाले में फिनलैंड की हाई-टेक ड्रेजिंग मशीन तैनात।
नई दिल्ली में यमुना नदी की सफाई के प्रयास अब इसके सबसे बड़े प्रदूषण स्रोत नजफगढ़ नाले पर केंद्रित हो गए हैं, जो नदी में जाने वाले लगभग 70% प्रदूषण के लिए जिम्मेदार माना जाता है। सफाई कार्य को तेज करने के लिए प्रशासन ने फिनलैंड से आयातित अत्याधुनिक उभयचर ड्रेजिंग मशीन को तैनात किया है।
अधिकारियों के अनुसार, नाले में पहले से सफाई कार्य चल रहा था, लेकिन नई मशीन उन इलाकों में काम को गति देगी जहां लंबे समय से भारी गाद और कचरे के कारण सामान्य सफाई नाकाम हो रही थी।
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि अगर यमुना को वास्तव में साफ करना है, तो नजफगढ़ नाले में आधुनिक तकनीक और निरंतर निगरानी के साथ काम करना अनिवार्य है।
नजफगढ़ नाला क्यों अहम है
नजफगढ़ नाला पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के बड़े हिस्सों से बिना उपचारित सीवेज और औद्योगिक कचरा यमुना में ले जाता है। वर्षों से जमा गाद और जल कुंभी (वॉटर हायसिंथ) के कारण नाले का प्रवाह बाधित हो गया है, जिससे प्रदूषण और बढ़ गया है। अधिकारियों का कहना है कि बिना लगातार यांत्रिक सफाई के नाला जल्दी फिर से जाम हो जाता है।
फिनलैंड की मशीन की खासियत
यह उभयचर ड्रेजर संकरे और भीड़भाड़ वाले नालों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। यह जमीन और छह मीटर गहरे पानी दोनों में काम कर सकता है और एक साथ गाद हटाने, कीचड़ पंप करने, तैरते कचरे और जल कुंभी को साफ करने में सक्षम है।
अधिकारियों के अनुसार, मशीन प्रति घंटे 600 घन मीटर तक कीचड़ निकाल सकती है और 1.5 किलोमीटर दूर तक कचरा बाहर फेंक सकती है। इसमें GPS ट्रैकिंग और ईंधन निगरानी प्रणाली भी लगी है। इस मशीन की लागत ₹8.03 करोड़ है।
अन्य सहायक उपकरण
ड्रेजर के साथ-साथ नजफगढ़ नाले में तीन स्वचालित हॉपर बार्ज भी काम कर रहे हैं। प्रत्येक बार्ज 12 घन मीटर कचरा ढोने और खुद से अनलोड करने में सक्षम है। इन तीनों बार्ज की कुल लागत ₹5.25 करोड़ बताई गई है।
नतीजों के आधार पर विस्तार
दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि यह अभियान एक बार की कार्रवाई नहीं है। यदि मशीनरी का प्रदर्शन अपेक्षाओं पर खरा उतरता है, तो यमुना नदी और उसके अन्य प्रमुख नालों में भी ऐसी उन्नत मशीनें तैनात की जाएंगी।
मंत्री ने कहा कि यमुना की सफाई केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि लगातार ज़मीनी कार्रवाई से संभव है।
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