भारत और यूरोपीय संघ 27 जनवरी को ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनाने को तैयार
लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद, भारत और यूरोपीय संघ एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता अंतिम रूप देने वाले हैं, जो द्विपक्षीय व्यापार और रणनीतिक सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।
भारत और यूरोपीय संघ (EU) 27 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन आयोजित कर इतिहाससाथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने वाले हैं। लगभग 18 वर्षों से चली आ रही वार्ताओं में आखिरकार दोनों पक्षों ने मुख्य मुद्दों पर सहमति बना ली है, जिसमें विशेष रूप से कारों और औद्योगिक वस्तुओं पर शुल्क में कटौती शामिल है।
यह समझौता भारतीय वस्त्रों, रसायनों और यूरोपीय कारों और वाइन सहित कई उत्पादों पर शुल्क में कटौती या समाप्ति का मार्ग खोलेगा, जिससे दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक अवसरों का विस्तार होगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय तथा यूरोपीय आयोग की ओर से इसे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक महत्वाकांक्षी समझौता बताया गया है।
रणनीतिक दृष्टि से, यह प्रतियोगी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारतीय निर्यात को और मजबूती देगा और निवेश, रोजगार सृजन और वैश्विक बाजारों में व्यापक हिस्सेदारी को बढ़ावा देगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह समझौता भारत के वैश्विक आर्थिक एकीकरण को भी तेजी देगा।
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