भारत और यूरोपीय संघ ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनाई

लगभग 20 साल की बातचीत के बाद भारत और यूरोपीय संघ ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया, जिसका लक्ष्य व्यापार को उभराना और आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है।

भारत और यूरोपीय संघ ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनाई

27 जनवरी, 2026 को भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने लगभग दो दशकों की वार्ताओं के बाद एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) को अंतिम रूप दिया। इस समझौते का उद्देश्य वस्तुओं और सेवाओं पर टैरिफ को हटाना या कम करना, बाजार पहुंच बढ़ाना और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच नियम-समन्वय को बढ़ावा देना है।

समझौते में व्यापार, सेवाओं, निवेश, डिजिटल व्यापार और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है, और इसे अगले चरण में लागू करने के लिए EU के सभी सदस्य देशों तथा भारत को इसे अपने-अपने घरेलू प्रक्रिया से गुज़ारना होगा।

दोनों पक्षों ने कहा है कि यह समझौता निवेश आकर्षित करेगा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करेगा और उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धात्मक कीमतों पर अधिक विकल्प प्रदान करेगा। इसका प्रभाव भारत-EU आर्थिक रिश्तों पर दीर्घकालीन रूप से देखने को मिलेगा।