**विषय का हिंदी अनुवाद:** "सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रवेश परीक्षा की शुचिता से संबंधित याचिकाओं में केंद्र सरकार ने 10-स्तरीय सुरक्षा मॉडल, एआई (AI) सुरक्षा उपायों की योजना साझा की तथा पुष्टि की कि NEET-UG के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) प्रारूप और दो-स्तरीय मूल्यांकन मॉडल पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है।"

**विषय का हिंदी अनुवाद:** "सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रवेश परीक्षा की शुचिता से संबंधित याचिकाओं में केंद्र सरकार ने 10-स्तरीय सुरक्षा मॉडल, एआई (AI) सुरक्षा उपायों की योजना साझा की तथा पुष्टि की कि NEET-UG के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) प्रारूप और दो-स्तरीय मूल्यांकन मॉडल पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है।"

**विषय का हिंदी अनुवाद:**  "सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रवेश परीक्षा की शुचिता से संबंधित याचिकाओं में केंद्र सरकार ने 10-स्तरीय सुरक्षा मॉडल, एआई (AI) सुरक्षा उपायों की योजना साझा की तथा पुष्टि की कि NEET-UG के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) प्रारूप और दो-स्तरीय मूल्यांकन मॉडल पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है।"
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के समक्ष दाखिल एक विस्तृत हलफनामे में, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के संचालन ढांचे में व्यापक बदलाव का खाका प्रस्तुत किया है। यह हलफनामा परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए शीर्ष अदालत के निर्देशों के जवाब में दायर किया गया है।


                 ┌──────────────────────────────────────────────────┐
                 │        NEET सुधार प्रस्तावों के मुख्य स्तंभ       │
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│  10-स्तरीय    │                   │ CBT और डिजिटल │                   │ दो-चरणिय    │
│  सुरक्षा मॉडल │                   │  कंप्यूटर मोड│                   │ मूल्यांकन    │
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1. 10-स्तरीय सुरक्षा ढांचा (Multi-Layer Security Model)

पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन समिति और नंदन नीलेकणी उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की सिफारिशों के तहत, शिक्षा मंत्रालय ने प्रश्न पत्र निर्माण से लेकर केंद्र तक वितरण के लिए 10-स्तरीय सुरक्षा मॉडल लागू किया है:

  • बहु-स्तरीय प्रश्न बैंक: विशेषज्ञों द्वारा तैयार प्रश्न बैंक में आवश्यकता से 5 गुना अधिक प्रश्न होते हैं। एल्गोरिदम द्वारा अंतिम समय पर यादृच्छिक (randomized) पेपर सेट तैयार किए जाते हैं।
  • डिजिटल लॉक और ट्रैकिंग: प्रश्न पत्र स्टील बॉक्स में बंद होते हैं, जिनमें सिंगल-यूज इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट-लॉक लगे होते हैं। परिवहन के दौरान वाहनों की रीयल-टाइम GPS से निगरानी होती है।
  • सशस्त्र सुरक्षा और CAPF: प्रश्न पत्रों के परिवहन और वितरण के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और स्थानीय कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की सीधी तैनाती होती है।
  • DIGI-EXAM और बायोमेट्रिक सत्यापन: परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन (चेहरा पहचान, उंगलियों के निशान और आईरिस स्कैन) किया जाता है ताकि छद्मवेशी (impersonation) उम्मीदवारों को रोका जा सके।
  • जीरो-इलेक्ट्रॉनिक जोन: परीक्षा केंद्रों के अंदर केवल अधिकृत कर्मचारियों की आवाजाही होती है और सभी के लिए मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है।

2. कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) एवं CPPT पर विचार

NEET-UG पारंपरिक रूप से पेन-एंड-पेपर (OMR) मोड में आयोजित होती रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि इसे चरणबद्ध तरीके से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) में बदलने पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है:

विशेषता OMR पेन-एंड-पेपर मोड प्रस्तावित CBT मोड
परीक्षा का माध्यम मुद्रित प्रश्न पत्र और भौतिक OMR शीट एन्क्रिप्टेड कंप्यूटर टर्मिनल
सुरक्षा और लीक का जोखिम लॉजिस्टिक्स/ट्रांजिट के दौरान लीक की संभावना एन्क्रिप्टेड सर्वर ट्रांसमिशन, लीकेज का जोखिम नगण्य
मूल्यांकन और परिणाम मैनुअल स्कैनिंग प्रक्रिया स्वचालित और त्वरित डिजिटल लॉगिंग
  • CPPT (कंप्यूटर-असिस्टेड पेन-एंड-पेपर टेस्ट): पूर्ण CBT में परिवर्तन के बीच, सरकार CPPT मॉडल का मूल्यांकन कर रही है। इसमें एन्क्रिप्टेड प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले सीधे परीक्षा केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजे जाएंगे और वहीं प्रिंट होंगे, जिससे परिवहन के दौरान पेपर लीक का जोखिम समाप्त हो जाएगा।

3. दो-चरणिय परीक्षा पैटर्न (Two-Stage Evaluation Format)

एक ही दिन की परीक्षा पर छात्रों के अत्यधिक तनाव को कम करने और किसी भी गड़बड़ी के जोखिम को रोकने के लिए, JEE (Main & Advanced) की तर्ज पर दो-चरणिय मूल्यांकन मॉडल (Two-Stage Model) पर विचार किया जा रहा है:

  1. प्रथम चरण (Screening Test): फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के बुनियादी ज्ञान का आकलन करने वाली प्रारंभिक परीक्षा।
  2. द्वितीय चरण (Merit Test): शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के लिए उच्च-सुरक्षा वाली मुख्य परीक्षा, जिसके अंकों के आधार पर ऑल इंडिया रैंक (AIR) और मेडिकल सीटें आवंटित की जाएंगी।
┌─────────────────────────┐      शॉर्टलिस्टिंग      ┌─────────────────────────┐
│     प्रथम चरण (NEET)    │  ───────────────────►  │    द्वितीय चरण (NEET)    │
│    स्क्रीनिंग टेस्ट      │                        │  मुख्य योग्यता (Merit)  │
└─────────────────────────┘                        └─────────────────────────┘

4. वैधानिक और कानूनी सुधार

  • लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम: सरकार ने कड़े कानून के माध्यम से संगठित पेपर लीक, नेटवर्क हैकिंग और धांधली में शामिल लोगों के लिए गैर-जमानती अपराध और भारी जुर्माने का प्रावधान किया है।
  • अग्रिम सूचना का आश्वासन: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया है कि परीक्षा पैटर्न (CBT या दो-चरणिय मॉडल) में कोई भी बड़ा बदलाव सभी हितधारकों से परामर्श के बाद और छात्रों को पर्याप्त अग्रिम समय देने के बाद ही लागू किया जाएगा।