जम्मू-कश्मीर सुरक्षा स्थिति: कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमला और सुरक्षा बलों का घेराबंदी व तलाशी अभियान (CASO)

जम्मू-कश्मीर सुरक्षा स्थिति: कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमला और सुरक्षा बलों का घेराबंदी व तलाशी अभियान (CASO)

जम्मू-कश्मीर सुरक्षा स्थिति: कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमला और सुरक्षा बलों का घेराबंदी व तलाशी अभियान (CASO)

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम (Kilam/Kellam) क्षेत्र में आतंकवादियों द्वारा प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाकर एक कायराना हमला किया गया। इस लक्षित हमले (Targeted Attack) में छत्तीसगढ़ के रहने वाले दो निर्दोष प्रवासी मजदूरों—दीपक और भूपेंद्र—की मृत्यु हो गई।  

इस घटना के तुरंत बाद, भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीमों ने पूरे इलाके को घेरकर एक व्यापक घेराबंदी और तलाशी अभियान (Cordon and Search Operation - CASO) शुरू कर दिया है।

📌 घटना का विवरण और हमले का घटनाक्रम

  1. हमले का स्थान और समय: यह घटना कुलगाम जिले के केलम इलाके में स्थित एक ईंट-भट्टे (Brick Kiln) के पास शाम के समय (सूर्यास्त के बाद) घटी। आतंकवादियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर वहां काम कर रहे गैर-स्थानीय श्रमिकों पर अचानक अंधाधुंध गोलीबारी कर दी।

  2. पीड़ितों की पहचान:दीपक (छत्तीसगढ़): हमले के दौरान मौके पर ही या अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।भूपेंद्र (छत्तीसगढ़): गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अनतंनाग के जीएमसी अस्पताल और बाद में श्रीनगर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।  
  3. आतंकवादियों का भाग निकलना: हमले को अंजाम देने के बाद आतंकवादी पास के रिहायशी या घने इलाकों का फायदा उठाकर फरार हो गए।  
  4. 🛡️ सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान (CASO)

    घटना की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और CRPF की अतिरिक्त टुकड़ियों को घटनास्थल पर रवाना किया गया।

  5. इलाके की सख्त घेराबंदी: केलम और उसके आसपास के गांवों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।  डोर-टू-डोर चेकिंग: आतंकवादियों के भागने के संभावित रास्तों और संदिग्ध ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान (Door-to-door search) चलाया जा रहा है।  
  6. हाई-टेक निगरानी: संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए ड्रोन तकनीक, नाइट-विज़न कैमरों और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है।
  7. चेकपोस्ट और नाकेबंदी: दक्षिण कश्मीर के प्रमुख राजमार्गों और प्रवेश/निकास बिंदुओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि हमलावर जिले से बाहर न भाग सकें।
  8. 🏛️ राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रियाएंउपराज्यपाल मनोज सिन्हा की निंदा: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस बर्बर हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने डीजीपी और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से बात कर निर्देश दिए हैं कि इस हमले में शामिल आतंकवादियों को जल्द से जल्द चिह्नित कर उनका सफाया किया जाए।छत्तीसगढ़ सरकार का रुख: पीड़ितों के गृह राज्य छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और सहायता के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए।